मुख्यमंत्री ने वाग्देवी प्रतिमा को विदेश से लाने की पहल को बताया विधिसम्मत प्रक्रिया का हिस्सा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले की भोजशाला के संबंध में बरसों पुराने प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजशाला के संबंध में न्यायालय ने माना है कि यह स्थान भोजशाला का ही था, जहां राजा भोज ने मां वाग्देवी के माध्यम से इस स्थान की महत्ता को स्थापित किया था।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे स्थान के गौरव को पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से विधिसम्मत तरीके से विदेश से वाग्देवी की प्रतिमा लाने का प्रबंधन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को इस निर्णय के लिए बधाई देते हुए अपील की कि न्यायालयीन निर्णय को शिरोधार्य करें। अयोध्या के देवस्थान के संबंध में न्यायालय के निर्णय के बाद सामाजिक सौहार्द्रता की उत्कृष्ट मिसाल कायम की गई थी। उसी परंपरा का निर्वहन करने वाला मध्यप्रदेश ऐसा दूसरा स्थान बन सकता है, जब हम इस समाधान और न्यायालय के निर्णय के आधार पर हम निर्णय को स्वीकार कर आपसी भाईचारे का परिचय देते हुए इसे स्थायी समाधान बनाएं।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त की कि भविष्य में ऐसे स्थान को अधिक गौरवमयी बनाने के प्रयास भी किए जाएंगे।

 

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